कोलकाता : उच्च न्यायालय ने कालीघाट समर्थक तृणमूल छात्र परिषद को प्रश्नपत्र लीक मामले में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी। इससे कोलकाता के पद्मपुकुर में तनाव फैल गया। इसके बाद पुलिस ने कुणाल घोष और वैश्वानर चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया। खबर मिलते ही ममता बनर्जी सड़कों पर उतर आईं। वह पद्मपुकुर पहुंचीं।
स्कूटी पर सवार होकर घर लौटीं
बाद में, ममता वहां से स्कूटी पर सवार होकर कालीघाट स्थित अपने घर लौट गईं। घर लौटने के बाद ममता ने फेसबुक लाइव पर दावा किया कि पुलिस से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी। अन्य पार्टियों को अनुमति मिल गई है तो उनकी पार्टी के छात्रों और युवाओं को क्यों नहीं मिल रही है। क्या तृणमूल अछूत है ?
क्या है मामला
तृणमूल के छात्र-युवा और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने शनिवार को कोलकाता में नीट प्रश्न पत्र लीक के विरोध में एक जुलूस का आह्वान किया था। पद्मपुकुर से सीआईटी रोड होते हुए मौलाली मोड़ तक मार्च निकाला जाना था। कालीघाट तृणमूल समर्थक दोपहर से ही पद्मपुकुर में इकट्ठा होने लगे। डोला सेन, कुणाल घोष और वैश्वानर चटर्जी भी वहां मौजूद थे।
अनुमति देकर वापस लेने का दावा
कालीघाट तृणमूल का दावा है कि पुलिस ने जुलूस की अनुमति दे दी थी, लेकिन बाद में वह अनुमति वापस ले ली गई। कालीघाट समर्थक टीएमसीपी की अध्यक्ष प्रियंका अधिकारी को ईमेल के जरिए बताया गया कि शुक्रवार की घटना के कारण जुलूस की अनुमति नहीं दी जा रही है।
उच्च न्यायालय में मामला खारिज
इसके पहले कालीघाट समर्थक तृणमूल छात्र परिषद ने उच्च न्यायालय का रुख किया। अदालत ने शनिवार को छुट्टी के दिन कालीघाट समर्थक तृणमूल छात्र परिषद के आवेदन पर सुनवाई की। हालांकि, उच्च न्यायालय ने आवेदन खारिज कर दिया। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई अशांति के मद्देनजर, अदालत ने जुलूस की अनुमति नहीं दी।
समर्थकों तथा पुलिस के बीच झड़प
पुलिस ने पद्मपुकुर से कालीघाट तृणमूल समर्थकों को हटाना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं और समर्थकों तथा पुलिस के बीच झड़प हुई। तनाव के बीच, पुलिस ने कुणाल और वैश्वानर को गिरफ्तार कर लिया। खबर मिलते ही ममता बनर्जी डेरेक ओ’ब्रायन के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभिन्न स्थानों से विपक्ष को हटा रही है। पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह सभा अवैध थी।






























