नयी दिल्ली : ‘काकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना धरना वापस लेने की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के बैठक के बाद, सीजेपी ने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं। इसके बाद, उन्होंने प्रदर्शनकारियों से लंबे समय से चल रहे शांतिपूर्ण धरने को समाप्त करने की अपील की। इसके पहले उन्होंने कहा था कि जबतक हमारी मांगें नहीं मान ली जाती है, तबतक धरना जारी रहेगा।
क्या थी मांगें
CJP के आंदोलन की मुख्य मांग धर्मेंद्र का इस्तीफा थी। केंद्र से उनकी दो और मांगें थीं। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने का आश्वासन। दूसरी, NEET प्रश्न पत्र लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना। CJP ने एक और पुरानी मांग उठाई है कि RAF और दिल्ली पुलिस माफी मांगे।
अभिजीत दीपके ने कहा था
फिलहाल हम आंदोलन के रास्ते से पीछे नहीं हट रहे हैं। धर्मेंद्र ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन हमारी और भी मांगें हैं। जब तक वे पूरी नहीं हो जातीं, धरना जारी रहेगा।






























