‘कॉकरोच‘ ने केंद्र के साथ तय बातचीत से पूरे डेढ़ घंटे पहले ही अपनी मुख्य मांग मनवा ली।
नयी दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दबाव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है। CJP शुरू से ही NEET प्रश्न पत्र लीक और शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए उनके इस्तीफ़े की मांग कर रही थी। दिल्ली में अभी भी लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा है।
क्या रहा कारण
प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि जब तक मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते, वे किसी भी हालत में अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे; इस मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं थी। मंत्री को भ्रष्टाचार की ज़िम्मेदारी लेनी ही थी। CJP के प्रतिनिधियों ने सरकार के साथ दो दौर की बातचीत की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। शनिवार दोपहर को बातचीत का तीसरा दौर तय किया गया था।
पिछले दस दिनों की घटनाओं से दुखी
धर्मेंद्र ने उससे पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने शनिवार दोपहर सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए अपने इस्तीफ़े की घोषणा की और कहा कि वे पिछले दस दिनों की घटनाओं से दुखी हैं।






























