कहा – ‘भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,’
कोलकाता : सामान लेकर जा रहे ट्रक के ड्राइवर दीपक सिंह से नाजिमुल हक और अनुपम बंद्योपाध्याय नाम के दो एमवीआई ने 22 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उसे देने में नाकाम रहने पर उन्होंने ट्रक को रोक लिया था।
दोनों हुए सस्पेंड
वैध कागज़ात होने के बावजूद एक ट्रक चालक से रिश्वत मांगने और गाड़ी रोककर उत्पीड़न करने के आरोप में पश्चिम बर्धमान के रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात दो मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ राज्य की भ्रष्टाचार निवारण शाखा (एससीपी) भी जांच शुरू कर चुकी है।
भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस
शुक्रवार को यह बात बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फिर से अपनी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ का संदेश दिया। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। किसी भी हालत में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। हम प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह भ्रष्टाचार-मुक्त करने के लिए भ्रष्टाचार के तत्वों को खत्म करने के मामले में दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं।’’
क्या है मामला
माल ढोने वाले ट्रक के ड्राइवर दीपक सिंह से नजिमुल हक और अनुपम बंद्योपाध्याय नाम के आरोपी दो एमवीआई ने 22 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। यह देने में असमर्थ होने पर उन्होंने ट्रक को रोक लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिकायत मिलते ही ‘पश्चिम बंगाल सर्विसेज (श्रेणीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1971 के नियम 7(1)(क)’ के तहत आरोपी दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और पूरे मामले की फौजदारी जांच व जरूरी कानूनी कदम उठाने के लिए इसे एससीबी को भेज दिया गया।
परिवहन व्यवसायियों को परेशान किया तो होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री शुभेंदु की घोषणा में कहा गया है, ‘‘ग़ैरक़ानूनी रूप से रोके गए वाहनों को छोड़ने और परिवहन व्यवसायियों को परेशान करने के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए जरूरी निर्देश लागू किए जा रहे हैं। यह एक कड़ी चेतावनी है—इसे प्रशासन के सभी स्तरों के लिए स्पष्ट संदेश माना जाए। यदि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार, परेशान करने या गैरक़ानूनी लाभ लेने में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख़्ततम अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम एक पारदर्शी, न्यायपूर्ण और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’






























