पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
कोलकाता : उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों और डुआर्स में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। यहां 100 टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर पर्यटकों को यात्रा संबंधी जानकारी, ठहरने की सुविधा, स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद और फूड प्लाज़ा जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।इस नई पहल का उद्देश्य उत्तर बंगाल के पर्यटन उद्योग को आधुनिक बनाना, युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ना और नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। साथ ही, इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। गुरूवार को विधानसभा में राज्य के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने उत्तर बंगाल विकास विभाग का बजट पेश करते हुए इसकी जानकारी दी।
सन्दाक्फु पर बनाए जाएंगे कंटेनर हाउस
राज्य के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने बताया कि यह सरकार का पायलट प्रोजेक्ट होगा जो वर्ष 2027 के जनवरी में चालू हो जाएगा। यहां कंटेनर हाउस में रहकर पर्यटक रिफ्रेशमेंट के साथ ही नाइट स्टे कर सकेंगे और इसके साथ सुबह का सनराइज भी देख सकेंगे। मंत्री ने बताया कि फिलहाल डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है। उन्होंने अभी कहा कि 10 कंटेनर हाउस फिलहाल इंस्टॉल किए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से लैंड क्रूजर जैसी गाड़ियां ली जा रही हैं जो पहाड़ के टॉप तक पर्यटकों को ले जाएंगी।
बनाए जाएंगे पांच लैंड पोर्ट
मंत्री ने बताया कि इंडो नेपाल बॉर्डर में पानीटंकी, इंडो भूटान बॉर्डर में जयगांव के अलावा हिली, फुलबाड़ी और चेंगड़ाबांधा में 5 लैंड पोर्ट बनाये जाएंगे। चेंगड़ाबांधा के लैंड पोर्ट का काम 60% पूरा हो चुका है। निशिथ प्रमाणिक ने बताया कि पहले लैंड पोर्ट नहीं होने के कारण जहां गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती थी, वहीं अब यह समय काफी कम हो जाएगा और केवल 30 सेकंड में ही एक गाड़ी पार हो जाएगी।






























