कक्षा में लाने और इस्तेमाल पर नई एडवाइजरी जारी
कोलकाता, 17 जुलाई 2026। पश्चिम बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (WBCHSE) ने राज्य के मान्यता प्राप्त उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए छात्रों द्वारा स्कूल में मोबाइल फोन लाने और कक्षा में इस्तेमाल को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है।
15 जुलाई 2026 को जारी इस निर्देश का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाना और डिजिटल उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना है।
क्या हैं नये निर्देश?
काउंसिल की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार—छात्रों को स्कूल समय के दौरान मोबाइल फोन लाने या इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई है।यह प्रतिबंध कक्षा, परीक्षा, प्रार्थना सभा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान भी लागू रहेगा।केवल विशेष परिस्थितियों में, संस्थान प्रमुख (Head of Institution) की पूर्व अनुमति मिलने पर ही मोबाइल फोन का उपयोग किया जा सकेगा।
किन परिस्थितियों में मोबाइल लाना होगा मान्य?
यदि किसी छात्र के लिए लंबी दूरी की यात्रा, स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल या अन्य वास्तविक कारणों से मोबाइल साथ रखना जरूरी हो, तो—मोबाइल फोन स्विच ऑफ या साइलेंट मोड में रखना होगा। स्कूल परिसर में बिना अनुमति उसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
स्कूलों और अभिभावकों के लिए भी निर्देश
काउंसिल ने स्कूलों से कहा है कि वे आवश्यकता के अनुसार मोबाइल फोन सुरक्षित रखने की व्यवस्था बना सकते हैं। साथ ही—शिक्षक छात्रों को डिजिटल उपकरणों के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के बारे में जागरूक करेंगे।अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल लेकर स्कूल न भेजें।किसी आपात स्थिति में अभिभावक सीधे स्कूल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
स्कूलों को डिजिटल सुरक्षा, साइबर सेफ्टी और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
पढ़ाई पर फोकस बढ़ाने की पहल
काउंसिल का मानना है कि इस पहल से छात्रों का ध्यान पढ़ाई पर अधिक केंद्रित रहेगा, कक्षा में अनुशासन बेहतर होगा और डिजिटल उपकरणों के दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी।
स्वपन मंडल, महासचिव, बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति ने कहा:”हमारा मानना है कि उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा लिया गया यह निर्णय सही है। हालांकि, इस संबंध में यदि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि वह विद्यालयों के साथ मजबूती से खड़ा रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी धन से छात्रों को मोबाइल फोन वितरित न किए जाएं।”






























