1 अगस्त से मिलेगा लाभ
कोलकाता, 13 जुलाई। पश्चिम बंगाल सरकार ने पीएम पोषण (PM POSHAN) योजना के तहत पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्री-प्राइमरी (बाल वाटिका) और प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को दिए जाने वाले मिड-डे मील (Mid-Day Meal) की कुकिंग कॉस्ट बढ़ाने का आदेश जारी किया है। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी।
सरकार के आदेश के अनुसार, अब तक पीएम पोषण योजना के तहत प्रति छात्र प्रतिदिन 6.78 रुपये की सामग्री लागत निर्धारित थी। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसे बढ़ाकर 10 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन करने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को आधिकारिक रूप से लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
राज्य सरकार देगी अतिरिक्त 3.22 रुपये
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली राशि के अलावा राज्य सरकार अपने हिस्से से अतिरिक्त 3.22 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन उपलब्ध कराएगी। इसके बाद बाल वाटिका और प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र भोजन की कुल कुकिंग कॉस्ट 10 रुपये प्रतिदिन हो जाएगी।यह अतिरिक्त राशि राज्यांश (State Share) से दी जाएगी।
किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा—बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) के विद्यार्थियों को।प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को।सरकारी विद्यालयों के छात्रों को।सरकारी सहायता प्राप्त (Government Aided) स्कूलों के छात्रों को।सरकारी प्रायोजित (Government Sponsored) विद्यालयों के छात्रों को।
कब से लागू होगा आदेश?
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित कुकिंग कॉस्ट 1 अगस्त 2026 से लागू होगी। इसके लिए राज्यपाल ने सिद्धांततः मंजूरी दे दी है और वित्त विभाग ने भी प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है।
आदेश में क्या कहा गया?
13 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की पीएम पोषण योजना के तहत वर्तमान सामग्री लागत 6.78 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन है। राज्य सरकार ने अपने बजट में इसे 10 रुपये करने का निर्णय लिया था। इसी निर्णय के तहत अब राज्य सरकार अतिरिक्त 3.22 रुपये उपलब्ध कराएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, स्कूल शिक्षा आयुक्त, पीएम पोषण परियोजना निदेशक तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
छात्रों को क्या होगा फायदा?
कुकिंग कॉस्ट बढ़ने से विद्यालयों को भोजन तैयार करने के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे बच्चों को पहले की तुलना में अधिक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बढ़ती खाद्य सामग्री की कीमतों को देखते हुए यह फैसला स्कूलों के लिए भी राहत लेकर आया है। पीएम पोषण योजना का उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, कुपोषण कम करना, छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना और ड्रॉपआउट दर को घटाना है।
मुख्य बातें
- 1 अगस्त 2026 से नई दर लागू होगी।
- कुकिंग कॉस्ट 6.78 रुपये से बढ़कर 10 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन।
- राज्य सरकार देगी 3.22 रुपये अतिरिक्त।
- बाल वाटिका और प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा लाभ।
- सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और सरकारी प्रायोजित स्कूल होंगे शामिल।






























