अगरपाड़ा और श्री गौरी शंकर जूट मिल में संयुक्त निरीक्षण
कोलकाता, 9 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की जूट मिलों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। गृह एवं संस्थागत समिति (HMIC) की अध्यक्षता में हुई बैठक तथा श्रम राज्य मंत्री भास्कर भट्टाचार्य और विभिन्न सरकारी विभागों की उपस्थिति में लिए गए निर्णय के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है।
इसका उद्देश्य श्रमिकों और उद्योग प्रबंधन दोनों के हितों की रक्षा करते हुए राज्य में औद्योगिक शांति और बेहतर औद्योगिक माहौल बनाए रखना है।गुरुवार (9 जुलाई) को इस अभियान के तहत डिप्टी लेबर कमिश्नर (DLC), बैरकपुर की निगरानी में एक संयुक्त निरीक्षण दल ने अगरपाड़ा जूट मिल लिमिटेड (कामरहाटी) और श्री गौरी शंकर जूट मिल लिमिटेड (श्यामनगर) का निरीक्षण किया। दोनों जूट मिलों में लगभग 2,500-2,500 श्रमिक कार्यरत हैं।
संयुक्त निरीक्षण दल में लेबर कमिश्नरेट, बैरकपुर, फैक्ट्री निरीक्षक, ईपीएफओ (EPFO) और ईएसआईसी (ESIC) के अधिकारी शामिल थे।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्रमिकों के बकाया भुगतान, श्रम कानूनों के अनुपालन, कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं बेहतर कार्य परिस्थितियों तथा कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। साथ ही जूट मिल परिसर के उन हिस्सों के उपयोग और संभावित विकास से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई, जिन्हें मूल रूप से जूट मिल संचालन के लिए निर्धारित किया गया था।
श्रम विभाग के अनुसार, यह अभियान केवल दस्तावेजों की जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ और औद्योगिक नियमों के पालन की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।विशेष श्रम आयुक्त आशीष सरकार के मार्गदर्शन में राज्य की अन्य जूट मिलों में भी इसी तरह के अचानक (Surprise) संयुक्त निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।






























