CID की टीम पहुंची कैमैक स्ट्रीट ऑफिस और TMC मुख्यालय
कोलकाता: कथित फर्जी हस्ताक्षर (सिग्नेचर) विवाद में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee ने एक बार फिर सीआईडी से पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। मंगलवार शाम 5 बजे तक उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय से पहले उन्होंने सीआईडी को पत्र भेजकर और समय देने की मांग की।
अपने पत्र में अभिषेक ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली में हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सीआईडी के नोटिस और पूरे मामले को लेकर वह अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं तथा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद उस पत्र को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें विधानसभा में विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक के नामों की सिफारिश की गई थी। आरोप है कि कुछ तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर कथित तौर पर फर्जी तरीके से लगाए गए थे। इस मुद्दे को सबसे पहले विधायक Ritabrata Bandyopadhyay और Sandipan Saha ने उठाया था। बाद में दोनों नेताओं को पार्टी पदों से हटा दिया गया।
कई बार भेजा जा चुका है नोटिस
सीआईडी ने इस मामले में पूछताछ के लिए अभिषेक को कई बार नोटिस जारी किया है। 30 मई को जांच अधिकारी पहली बार उनके कालीघाट स्थित आवास पहुंचे थे। उन्हें 1 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उन्होंने 14 दिनों का समय मांगा। इसके बाद सीआईडी ने नया नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर उपस्थित होने को कहा।
सोमवार को भी अभिषेक पेश नहीं हुए, जिसके बाद सीआईडी ने तीसरा नोटिस जारी करते हुए मंगलवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, मंगलवार को भी उन्होंने पेश होने के बजाय अतिरिक्त समय की मांग कर दी।
कैमैक स्ट्रीट ऑफिस और TMC मुख्यालय में CID की कार्रवाई
इधर जांच को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार दोपहर सीआईडी की एक टीम अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय पहुंची। अधिकारियों ने वहां दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की।
साथ ही सीआईडी की दूसरी टीम कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय भी पहुंची, जहां तलाशी अभियान चलाया गया। इसी कार्यालय में पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee और अभिषेक ने विधायकों के साथ बैठक की थी, जिसके बाद विवादित पत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया था।
सरकार का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा है कि विधायकों की शिकायत मिलने के बाद विधानसभा की ओर से पुलिस से संपर्क किया गया था। इसके बाद मामला दर्ज हुआ और जांच शुरू हुई। जांच में सीआईडी की सहायता से एक विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है।
फिलहाल अभिषेक बनर्जी की ओर से समय मांगने और सीआईडी की लगातार कार्रवाई ने इस राजनीतिक विवाद को और अधिक गर्मा दिया है। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।



























