सर्वोच्च पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित हुए गंगा प्रसाद और संतन कुमार पांडेयडॉ. राजाराम त्रिपाठी को मिला पैरोकार ग्रामीण पत्रकारिता शिखर सम्मानद्वि शताब्दी हिंदी पत्रकारिता समारोह में पैरोकार के पत्रकारिता विशेषांक का हुआ लोकार्पणकोलकाता, 10 जूनः साहित्यिक व शोध पत्रिका पैरोकार की ओर से मंगलवार को भारतीय भाषा परिषद में आयोजित हिंदी पत्रकारिता द्वि सताब्दी समारोह में वरिष्ठ पत्रकार गंगा प्रसाद को पैरोकार पत्रकारिता शिखर सम्मान और वयोवृद्ध पत्रकार संतन कुमार पांडेय को हिंदी पत्रकारिता में विशिष्ट योगदान के लिए पैरोकार लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। पैरोकार और भारतीय भाषा परिषद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़, बस्तर से पधारे कृषि विशेषज्ञ व ककसाड पत्रिका के संपादक डॉ. राजाराम त्रिपाठी को पैरोकार ग्रामीण पत्रकारिता सम्मान से नवाजा गया। इस साहित्यिक समारोह में पैरोकार के पत्रकारिता विशेषांक का लोकार्पण किया गया और और द्वि शताब्दी हिंदी पत्रकारिता और बंगीय विरासत पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी हुई। समारोह में भोपाल से प्रकाशित समागम और डॉ. राजाम त्रिपाठी के संपादन में दिल्ली से प्रकाशित ककसाड़ पत्रिका का भी विमोचन किया गया।अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. राजाराम त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यधारा की पत्रकारिता में ग्रामीण भारत की समस्याओं को स्थान नहीं मिलता है। पत्रकारों को देश की खेती किसानी की समस्याओं पर भी मुखर होना चाहिए। अपने बीज वक्तव्य में डॉ. शंभुनाथ ने कहा कि पत्रकारिता में सूचना क्रांति से ज्यादा सूचना भ्रांति परिलक्षित हो रही है।सम्मान ग्रहण करने के बाद गंगा प्रसाद ने अपने वक्तव्य में कहा कि पत्रकारिता के बदलते परिदृश्य में वही अच्छा पत्रकार बन सकता है जिसके पास खोने के लिएं कुछ न हो। वयोवृद्ध पत्रकार संतन कुमार पांडेय ने कहा कि उन्होंने अनछुए पहलुओं पर अपनी कलम चलाई जिन्हे पाठकों ने दिल से सराहा। प्रधान अतिथि विश्वम्भर नेवर ने कहा कि छोटी पत्र पत्रिकाएं जुनून से चलती है। बड़े संस्थानों की पत्र पत्रिकाएं भी बंद हुई है लेकिन बड़े शहरों और छोटे कस्बों के पत्रकार अपनी पत्रिकाएं और अखबारों का प्रकाशन जारी रखने में सफल हुए हैं। संगोष्ठी में इ न्यूज रूम के संपादक शाहनवाद अख्तर, सदीनाम के संपादक जितेंद्र जिंतांशु, शकुन त्रिवपेदी, प्राध्यापिका रेशमी पांडा मुखर्जी और श्रीपर्णा तरफदार ने अपने विचार व्यक्त किए। पैरोकार के प्रधान संपादक अनवर हुसैन ने अपने स्वागत भाषण में अपनी पत्रिका के 15 वर्षों के सफर पर विस्तार से प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन पैरोकार के समूह संपादक बिमल शर्मा ने किया। समारोह का संचालन डॉ अभिज्ञात ने किया। संगोष्ठी में पत्रिकारिता के अतिरिक्त कालेज विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सरानीय रही।


























