
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच दक्षिण कोलकाता में आयकर विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भवानीपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार ममता बनर्जी के प्रस्तावक और एक प्रख्यात कंसल्टेंट के घर भी आयकर विभाग की टीम पहुंची, जिससे सियासी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को आयकर विभाग ने एक साथ कई तृणमूल नेताओं के ठिकानों पर कार्रवाई की। रासबिहारी से तृणमूल उम्मीदवार और मौजूदा विधायक देबाशीष कुमार के घर और उनके ससुराल में भी छापेमारी की गई। इसी दौरान एल्गिन रोड स्थित एक प्रख्यात कंसल्टेंट के आवास पर भी अधिकारियों की मौजूदगी की खबर सामने आई। यह वही शख्स हैं जिन्हें 8 अप्रैल को नामांकन दाखिल करते समय ममता बनर्जी ने प्रस्तावक बनाया था। उस दिन “सर्वधर्म समभाव” का संदेश देने के लिए चार अलग-अलग धर्मों के लोगों को प्रस्तावक के रूप में शामिल किया गया था।इलाके में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि आयकर विभाग अपनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रहा है और इसमें राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बन सकता है।
















