सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर लगातार उठ रहे विवादों और छात्रों की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया गया है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उच्च स्तरीय एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति की जिम्मेदारी ‘कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन’ की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान को सौंपी गई है।
जानकारी के मुताबिक, समिति यह जांच करेगी कि ओएसएम (OSM) पद्धति से कॉपियों की जांच और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तीसरी पार्टी को किस प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया था। जांच समिति को जरूरत पड़ने पर अन्य सरकारी विभागों और सीबीएसई अधिकारियों की मदद लेने की भी अनुमति दी गई है।
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट एक महीने के भीतर ‘डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल एंड ट्रेनिंग’ (DoPT) को सौंपी जाए। साथ ही, सीबीएसई को जांच में हर प्रकार का प्रशासनिक सहयोग देने को कहा गया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को लंबे तकनीकी व्यवधान के बाद सीबीएसई ने 12वीं के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन पोर्टल दोबारा शुरू किया था। बोर्ड के अनुसार, दोपहर 3 बजे तक करीब 16 हजार आवेदन प्राप्त हुए।
हालांकि, इसी दौरान सीबीएसई ने पोर्टल पर बड़े साइबर हमले का दावा भी किया। बोर्ड का कहना है कि पोर्टल पर ‘डिनायल-ऑफ-सर्विस’ (DDoS) हमला किया गया, जिसमें केवल दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख फर्जी हिट भेजे गए। इसके अलावा सिस्टम के अंदर मौजूद फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने के लिए एक लाख से अधिक कोशिशें की गईं।
12वीं के परिणाम जारी होने के बाद से ही छात्र मूल्यांकन प्रक्रिया, डिजिटल कॉपी अपलोड और मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ियों के आरोप लगा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से पूछा है कि क्या डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी।
इसी बीच मंगलवार को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति की बैठक में दो छात्रों को भी बुलाया गया। इन छात्रों ने सबसे पहले आरोप लगाया था कि सीबीएसई का डिजिटल मूल्यांकन पोर्टल सुरक्षित नहीं है और ‘कॉम्प्ट एडुटेक’ कंपनी को ठेका देने में अनियमितता हुई है। छात्रों से पूछताछ के बाद ही बोर्ड के दो शीर्ष अधिकारियों के तबादले की खबर सामने आई।



























