बोले- तृणमूल का खाता फ्रीज करने चले हैं ज्ञानेश कुमार, खुद हो जाएंगे फ्रीज
कोलकाता : बिलबोर्ड मामले में शेक्सपियर सरणी थाने में करीब साढ़े पांच घंटे की पूछताछ के बाद बाहर निकले तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते, चुनाव चिह्न और पार्टी के नाम को लेकर कार्रवाई के जरिए पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। अभिषेक ने कहा, “तृणमूल का खाता फ्रीज करने चले हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार खुद फ्रीज हो जाएंगे।”
अभिषेक ने ज्ञानेश कुमार को भाजपा का ‘प्राणभौंरा’ बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की।
सुबह 11 बजे थाने पहुंचे, शाम साढ़े चार बजे निकले
अभिषेक बनर्जी बुधवार सुबह करीब 11 बजे शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचे थे। बिलबोर्ड मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ की। करीब साढ़े पांच घंटे बाद शाम साढ़े चार बजे वह थाने से बाहर निकले। बाहर आते ही उन्होंने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाने पर लिया।
अभिषेक ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ केवल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने कहा, “ज्ञानेश को जेल जाना ही होगा।”
ज्ञानेश कुमार और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इसी बीच अभिषेक ने ज्ञानेश कुमार और भाजपा के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा उन्हें हर हाल में बचाना चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि यदि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो भाजपा के कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अभिषेक ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता का भी जिक्र किया। विधानसभा चुनाव के दौरान मनोज अग्रवाल मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे, जबकि सुब्रत गुप्ता निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक थे।
तिरंगे को लेकर अभिषेक ने उठाए सवाल
दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के दो नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर भी निशाना साधा।
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में तिरंगा दिखाने का अधिकार भी नहीं है? अभिषेक ने कहा कि अगर सड़क पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलने पर किसी को गिरफ्तार किया जाता है, तो यह ब्रिटिश शासन के दौर की याद दिलाता है।
गौरतलब है कि मंगलवार को CJP के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका कथित तौर पर जंतर-मंतर के गेट को पार कर अंदर चले गए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। खबर के मुताबिक, दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अभिषेक ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनकी गिरफ्तारी की निंदा की थी।
शुभेंदु अधिकारी पर भी साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए सवाल किया कि यदि तृणमूल कांग्रेस संगठनात्मक रूप से कमजोर है, तो भाजपा को उससे इतना डर क्यों है?
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के बैंक खाते फ्रीज करने, चुनाव चिह्न और नाम को लेकर विवाद, पार्टी कार्यालयों को तोड़ने, बिलबोर्ड हटाने और नेताओं-कार्यकर्ताओं को जेल भेजने जैसी कार्रवाइयों के बावजूद भाजपा की चिंता खत्म नहीं हुई है।
अभिषेक ने दावा किया कि इन कदमों के जरिए तृणमूल कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
महुआ मैत्र को फिर समन, इस बार भी नहीं हुईं पेश
इसी बीच, सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के विवाद के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मैत्र को भी बुधवार को समन भेजा गया था। उन्हें डायमंड हार्बर पुलिस जिले के साइबर क्राइम थाने में पेश होने के लिए कहा गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह छठी बार था जब महुआ मैत्र को इस मामले में तलब किया गया। हालांकि, वह बुधवार को भी थाने नहीं पहुंचीं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उन्होंने ईमेल के जरिए पुलिस को सूचित किया कि वह काम के सिलसिले में दिल्ली में व्यस्त हैं।






















