माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में नई नियुक्तियां
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में स्कूल शिक्षा व्यवस्था के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई तदर्थ (एड-हॉक) समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता की जिम्मेदारी लालू दास को सौंपी गई है, जबकि नीलाद्रि शेखर सिंह को सचिव नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सचिव समेत समिति में कुल 12 सदस्य शामिल हैं। इसका कार्यकाल 12 अक्टूबर 2027 तक निर्धारित किया गया है।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर भी नई नियुक्ति की गई है। राज्य सरकार ने प्रोफेसर रविरंजन सेन को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे राज्य की प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था की दो प्रमुख संस्थाओं के नेतृत्व में बदलाव हुआ है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 12 सदस्यीय तदर्थ समिति
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश पर गठित नई समिति माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगी। लालू दास को समिति का अध्यक्ष और नीलाद्रि शेखर सिंह को सचिव बनाया गया है।
समिति का कार्यकाल 12 अक्टूबर 2027 तक रहेगा। हालांकि, सरकार की ओर से भविष्य में जारी होने वाले निर्देशों के आधार पर इसके कार्यकाल या जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राज्य में स्कूली शिक्षा के संचालन और माध्यमिक स्तर की परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों में भूमिका निभाता है। ऐसे में नई समिति के गठन को शिक्षा विभाग में जारी प्रशासनिक बदलावों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को भी मिला नया अध्यक्ष
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के साथ-साथ राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में भी नेतृत्व परिवर्तन किया है। प्रोफेसर रविरंजन सेन को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस पद पर गौतम पाल कार्यरत थे।
प्राथमिक शिक्षा बोर्ड राज्य में प्राथमिक स्तर की शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाता है। नए अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ इस संस्था के नेतृत्व में भी बदलाव आया है।
सरकार बदलने के बाद शिक्षा विभाग में लगातार बदलाव
पश्चिम बंगाल में इस साल सत्ता परिवर्तन के बाद से शिक्षा विभाग की विभिन्न संस्थाओं में प्रशासनिक फेरबदल जारी है। इसी क्रम में मई महीने में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष रामानुज गंगोपाध्याय ने इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के तत्कालीन अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने भी पद छोड़ दिया था।
इन इस्तीफों के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं के नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया तेज हुई। अब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई तदर्थ समिति और प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के जरिए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।































