वार्ड परिसीमन और महिला आरक्षण पर हाई कोर्ट जाएंगे विपक्षी दल
कोलकाता : कोलकाता नगर निगम चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस, सीपीएम और ममता-तृणमूल ने नगर निगम की ओर से की जा रही वार्डों की पुनर्व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। तीनों पक्षों का आरोप है कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अब विपक्षी दलों ने इस मामले को कलकत्ता हाई कोर्ट में ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस, सीपीएम और ममता-तृणमूल की ओर से नगर प्रशासक एवं निगम आयुक्त स्मिता पांडे को इस मुद्दे पर कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। इन पत्रों में वार्डों की सीमाओं में प्रस्तावित बदलाव को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि जिन इलाकों में वार्ड की सीमाओं को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं, वहां अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति देखने और स्थानीय नागरिकों की राय जानने के लिए जनसुनवाई करनी चाहिए। उनका आरोप है कि इन मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
अंतिम सूची जारी होने का इंतजार
फिलहाल निगम की ओर से जारी सूचियों को ड्राफ्ट बताया जा रहा है। इसी वजह से कांग्रेस और वाम दल अंतिम अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जैसे ही वार्ड परिसीमन और आरक्षण की अंतिम सूची आधिकारिक रूप से प्रकाशित होगी, वे हाई कोर्ट का रुख करेंगे।
तीनों राजनीतिक पक्षों के कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से मामले की तैयारी लगभग पूरी किए जाने की बात भी सामने आई है।
नवंबर के अंत में निगम चुनाव की तैयारी
राज्य सरकार नवंबर के आखिरी सप्ताह में कोलकाता नगर निगम के 209 वार्डों में चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
सत्तारूढ़ बीजेपी की ओर से कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण में अलग-अलग मंडल स्तर पर बैठकें शुरू कर दी गई हैं। दोनों जिलों के अध्यक्ष तमोघ्न घोष और अनुपम भट्टाचार्य ने इच्छुक उम्मीदवारों के नामों की सूची चुनाव समिति को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं, निगम के निवर्तमान बोर्ड के कुछ पार्षद भी दोबारा चुनाव मैदान में उतरने की इच्छा जता रहे हैं।
ममता-तृणमूल और वाम दल भी सक्रिय
ममता-तृणमूल ने भी निगम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को दक्षिण कोलकाता के रासबिहारी इलाके में विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय के कार्यालय में चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक हुई।
वाम दल भी वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत करने और उम्मीदवारों के चयन की तैयारी में जुटे हैं। पार्टी की ओर से इस बार कई वार्डों में युवा चेहरों को मौका देने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है।
कांग्रेस भी उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम चुनाव को लेकर अभियान तेज करने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में पार्टी संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने वार्ड परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका दावा है कि पुराने 144 वार्डों को किस आधार पर पुनर्गठित किया जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर भी आपत्ति जताई। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि कुछ वार्डों को लगातार कई बार महिला आरक्षित किए जाने से निर्धारित प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
‘सिर्फ मतदाता सूची को आधार बनाया जा रहा’
ममता-तृणमूल के राज्य महासचिव और पूर्व मेयर परिषद सदस्य बैश्वानर चट्टोपाध्याय ने भी परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ड्राफ्ट किसने तैयार किया और किस प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया, इसकी पर्याप्त जानकारी राजनीतिक दलों को नहीं दी गई।
उनके मुताबिक, संविधान और नियमों के तहत पूर्व पार्षदों, विधायकों तथा राजनीतिक दलों से बातचीत की जानी चाहिए।
वहीं, सीपीएम के जिला सचिव कल्लोल मजूमदार ने आरोप लगाया कि वार्डों के पुनर्गठन में जनसंख्या के बजाय मतदाता सूची को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे कोलकाता की वास्तविक जनसांख्यिकीय स्थिति का सही आकलन नहीं हो पाएगा।































