चुनाव आयोग ने जारी किया आदेश
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को होने वाले उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले चुनाव आयोग ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। आयोग ने सोमवार को नंदीग्राम थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (आईसी) अजय कुमार मिश्रा को उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह पूर्व मेदिनीपुर ट्रैफिक कंट्रोल रूम के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज देवाशीष सरकार को नंदीग्राम थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आयोग ने नए आईसी देवाशीष सरकार के नंदीग्राम थाने में कार्यभार संभालने की रिपोर्ट सोमवार शाम तक मांगी थी।
हालांकि, चुनाव से ठीक एक दिन पहले नंदीग्राम थाने के आईसी को हटाने के पीछे आयोग ने क्या वजह बताई है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। अजय कुमार मिश्रा को मतदान से ठीक पहले अचानक हटाए जाने को लेकर भी कोई विस्तृत कारण सामने नहीं आया है।
मंगलवार को नंदीग्राम और रेजीनगर में मतदान
नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रचार पहले ही समाप्त हो चुका है और अब दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
नंदीग्राम में चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रही हैं। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत हासिल की थी। इसके साथ ही उन्होंने भवानीपुर सीट से भी चुनाव जीता था। बाद में उन्होंने नंदीग्राम की सीट छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा।
इसी तरह रेजीनगर सीट से हुमायूं कबीर विधानसभा चुनाव में विजयी हुए थे। उन्होंने नाओदा सीट से भी जीत हासिल की थी और बाद में रेजीनगर सीट छोड़ दी। इसके चलते रेजीनगर में भी उपचुनाव हो रहा है।
भाजपा ने चंद्रनाथ रथ की मां को बनाया उम्मीदवार
नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत आप्तसहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार उतारा था, लेकिन उम्मीदवार ने बाद में नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उठे थे सवाल
ममता बनर्जी के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने के बाद पुलिस ने उन्हें एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर हैं।
जमानत पर रिहा होने के बाद मिलन प्रधान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें अपने साथ ले जाकर नामांकन वापस लेने का प्रस्ताव दिया था। मिलन के अनुसार, उनके इनकार करने के बाद उन्हें एक झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया।
हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
मतदान से पहले आईसी बदलने से चर्चा तेज
नंदीग्राम में मतदान से ठीक पहले थाना प्रभारी के तबादले के बाद चुनावी माहौल में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। अब नंदीग्राम में नए आईसी देवाशीष सरकार के सामने मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी होगी। चुनाव आयोग ने उनके कार्यभार संभालने की रिपोर्ट भी तत्काल मांगी है।





























