दुर्गा पूजा के नाम पर फर्जी पास बेचने के आरोप में पूछताछ
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता इंद्रनील सेन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन किया है। दुर्गा पूजा के यूनेस्को नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल कर फर्जी पास और टिकट बेचने तथा करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले के आरोपों की जांच के सिलसिले में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
समन के बाद इंद्रनील सेन साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी के कार्यालय पहुंचे हैं। अधिकारियों की ओर से उनसे मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संस्था की गतिविधियों को लेकर पूछताछ किए जाने की बात कही जा रही है।
दुर्गा पूजा के नाम पर फर्जी पास बेचने का आरोप
ईडी की जांच के केंद्र में ‘मासआर्ट’ (massArt) नाम की संस्था बताई जा रही है। आरोप है कि यह संस्था इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार, दुर्गा पूजा कार्निवल और प्रीव्यू शो के लिए यूनेस्को के नाम का इस्तेमाल कर आम लोगों और पर्यटकों को कथित तौर पर ऊंची कीमत पर पास या टिकट बेचे गए।
आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के जरिए करोड़ों रुपये का वित्तीय लेनदेन हुआ। इसी कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर ईडी ने जांच शुरू की है।
कोलकाता से हुगली तक कई ठिकानों पर छापेमारी
इस मामले में ईडी ने 29 सितंबर 2026 को कोलकाता, साल्टलेक और हुगली जिले में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। अधिकारियों ने कसबा, हिंदुस्तान पार्क और हाईलैंड पार्क सहित कई स्थानों पर कार्रवाई की।
हुगली स्थित इंद्रनील सेन के फार्महाउस पर भी ईडी की टीम पहुंची थी। तलाशी अभियान के दौरान दस्तावेजों और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
पूछताछ में वित्तीय लेनदेन पर फोकस
अब समन के बाद इंद्रनील सेन से ईडी उनके और ‘मासआर्ट’ से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दुर्गा पूजा कार्यक्रमों के लिए पास या टिकट जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित पैसों के इस्तेमाल को लेकर सवाल कर सकती है।
फिलहाल ईडी की पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी की ओर से आगे क्या जानकारी सामने आती है, इस पर मामले की अगली दिशा निर्भर करेगी।































