‘सबुज साथी’ की जगह नाम हुआ ‘सारथी’, 12.5 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में स्कूली छात्रों को साइकिल देने वाली योजना का नया रूप सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को हावड़ा के बांतरा स्थित मधुसूदन पाल चौधरी हाई स्कूल से ‘सारथी’ परियोजना की औपचारिक शुरुआत की। इस योजना के तहत राज्य के करीब 12.5 लाख स्कूली छात्रों को साइकिल देने की तैयारी है।
पहले यह योजना ‘सबुज साथी’ के नाम से जानी जाती थी। नई सरकार ने इसका नाम और लोगो बदलकर ‘सारथी’ किया है। साइकिलों के रंग और डिजाइन में भी बदलाव किया गया है।
नाम और लोगो के साथ साइकिल की गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में कहा कि सिर्फ योजना का नाम और लोगो बदलना ही उद्देश्य नहीं है। साइकिलों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है।
सरकार की ओर से बताया गया है कि नई साइकिलों में लाइट, टायर और दूसरे जरूरी हिस्सों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इसके लिए क्वालिटी टेस्टिंग सिस्टम लागू करने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साइकिलों की गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दिया गया है।
साइकिल निर्माण को बंगाल में लाने की तैयारी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साइकिल निर्माण से जुड़े विषय पर भी बात की। उनके अनुसार, पहले साइकिल के कई हिस्से दूसरे राज्यों से लाकर यहां असेंबल किए जाते थे। अब सरकार पश्चिम बंगाल में ही साइकिल निर्माण को बढ़ावा देना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने साइकिल फैक्ट्री के लिए जमीन उपलब्ध कराने की बात भी कही। इससे राज्य में साइकिल निर्माण और उससे जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना का संकेत मिलता है।
कक्षा 8वीं या 9वीं? योजना को लेकर क्या है स्थिति
‘सारथी’ को लेकर सबसे बड़ा बदलाव साइकिल वितरण की कक्षा से जुड़ा है। मुख्यमंत्री की ओर से कार्यक्रम में कक्षा 8वीं के छात्रों को साइकिल देने की बात कही गई है। हालांकि, योजना से जुड़ी कुछ पूर्व रिपोर्टों में कक्षा 9वीं के छात्रों को लाभार्थी बताया गया था।
इसलिए नए शैक्षणिक वर्ष में किस कक्षा के कितने छात्रों को साइकिल मिलेगी, इसका अंतिम विस्तृत लाभार्थी नियम सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन से स्पष्ट होगा।
छात्रों के साथ बैठकर मिड-डे मील भी खाया
‘सारथी’ के लॉन्च कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने स्कूल के छात्रों के साथ समय बिताया। उन्होंने छात्रों के साथ एक टेबल पर बैठकर मिड-डे मील भी खाया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के स्कूल दौरे की जानकारी कार्यक्रम से पहले भी स्थानीय रिपोर्टों में दी गई थी।
पुरानी योजना का नया नाम, नई व्यवस्था का दावा
पश्चिम बंगाल में छात्रों को साइकिल उपलब्ध कराने वाली ‘सबुज साथी’ योजना लंबे समय से राज्य की प्रमुख छात्र कल्याण योजनाओं में रही है। राज्य सरकार के एक आधिकारिक प्रकाशन के अनुसार, 2024 तक इस योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ छात्रों को साइकिल दी जा चुकी थी।
अब नई सरकार ने इसी योजना को ‘सारथी’ नाम से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का जोर नाम बदलने के साथ-साथ साइकिल की गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्माण प्रक्रिया में बदलाव पर है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए मॉडल के तहत वितरण व्यवस्था और लाभार्थी नियमों में क्या-क्या बदलाव लागू होते हैं।































