50 साल में पेंशन लेने वालों को कम रकम
कोलकाता : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग से जुड़ा एक अहम नियम सामने आया है। कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS के तहत 58 साल की उम्र को सामान्य पेंशन उम्र माना गया है, जबकि पात्र सदस्य 50 साल की उम्र के बाद भी पेंशन शुरू कर सकते हैं। हालांकि, 58 साल से पहले पेंशन लेने पर मासिक पेंशन में कटौती होती है।
50 साल की उम्र से ले सकते हैं EPS पेंशन
EPS के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए सदस्य के पास कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा होना जरूरी है। इसके बाद सदस्य 50 साल की उम्र पूरी होने पर, नौकरी छोड़ने की स्थिति में, 58 साल से पहले भी पेंशन शुरू करने का विकल्प चुन सकता है। हालांकि, यह विकल्प पेंशन की रकम को प्रभावित करता है।
EPFO के नियमों के मुताबिक, 58 साल की उम्र से जितने साल पहले पेंशन शुरू की जाती है, पेंशन राशि में हर साल 4 फीसदी की कटौती लागू होती है। यानी 50 साल की उम्र में पेंशन शुरू करने वाले सदस्य को आठ साल की कमी के कारण कुल 32 फीसदी की कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
58 साल तक इंतजार करने पर पूरी पेंशन
EPS में 58 साल की उम्र पर पात्र सदस्य को सामान्य पेंशन मिलती है। वहीं, 58 साल के बाद पेंशन शुरू करने को अधिकतम 60 साल तक टाला जा सकता है। ऐसी स्थिति में पेंशन राशि में हर पूरे अतिरिक्त वर्ष के लिए 4 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रावधान है।
इसका मतलब है कि 50 साल की उम्र में पेंशन शुरू करने और 58 या 60 साल तक इंतजार करने वाले सदस्य की मासिक पेंशन में काफी अंतर हो सकता है। इसलिए जल्दी रिटायरमेंट लेने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन शुरू करने की उम्र एक महत्वपूर्ण वित्तीय फैसला बन जाती है।
नए ₹25,000 वेतन सीलिंग का क्या असर?
सरकार ने 17 सितंबर 2026 से EPFO में अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दी है। इससे अधिक कर्मचारियों को EPF, EPS और EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने का लक्ष्य है।
हालिया गणना के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी ₹25,000 और पेंशन योग्य सेवा 25 साल है, तो 58 साल की उम्र पर अनुमानित पेंशन करीब ₹9,643 हो सकती है। वहीं 50 साल की उम्र में पेंशन शुरू करने पर यह करीब ₹6,953 रह सकती है। 60 साल तक पेंशन टालने पर अनुमानित रकम करीब ₹10,414 तक पहुंच सकती है। ये उदाहरण हैं; वास्तविक पेंशन सदस्य की सेवा और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।
कर्मचारियों के लिए जरूरी बात
इसलिए EPFO/EPS सदस्य को जल्दी रिटायरमेंट का फैसला लेते समय सिर्फ नौकरी छोड़ने की उम्र नहीं, बल्कि पेंशन शुरू करने की उम्र, कुल पेंशन योग्य सेवा और मिलने वाली मासिक राशि को भी ध्यान में रखना चाहिए। जल्दी पेंशन लेने का विकल्प उपलब्ध है, लेकिन इसके बदले मिलने वाली मासिक पेंशन कम हो जाती है।
































