भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के स्कूलों में ‘25 Crore Bacho Ke Sapno Ka Bharat’ और ‘NaMo Seva- Ankahi Kahaniyan’ कार्यक्रमों में छात्रों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ये कार्यक्रम ‘Seva Sankalp Abhiyan’ के तहत आयोजित किए जा रहे हैं।
21 सितंबर 2026 को जारी शिक्षा विभाग के मेमो में सभी जिलों के स्कूलों को लेकर जिला निरीक्षकों को तत्काल कदम उठाने को कहा गया है। विभाग ने कहा है कि कुछ स्कूलों को इन कार्यक्रमों की जानकारी अभी तक नहीं मिली है, जबकि जिला स्तर पर सभी स्कूलों को सूचित किए जाने की बात कही गई थी।
23 सितंबर को भाषण और ड्राइंग प्रतियोगिता
निर्देश के अनुसार 23 सितंबर 2026 को ‘25 Crore Bacho Ke Sapno Ka Bharat’ के तहत भाषण और ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की जानी है। विभाग ने इसमें अधिकतम संख्या में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है।
इसके अलावा ‘NaMo Seva- Ankahi Kahaniyan’ के तहत संगीत-नाट्य प्रस्तुति में भी अधिक से अधिक स्कूलों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
स्कूलों की भागीदारी पर निगरानी
शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र के सभी स्कूल कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर चुके हों और निर्धारित गतिविधियों में भाग ले रहे हों।
मेमो में अधिकारियों को कार्यक्रमों की निगरानी करने और Google Sheet के माध्यम से फीडबैक जमा कराने को भी कहा गया है। जरूरत पड़ने पर स्कूल शिक्षा विभाग के उपलब्ध मानव संसाधन का इस्तेमाल करने का निर्देश भी दिया गया है।
‘NaMo Seva’ कार्यक्रम को लेकर क्या है निर्देश?
दस्तावेज में ‘25 Crore Bacho Ke Sapno Ka Bharat’ और ‘NaMo Seva- Ankahi Kahaniyan’ को ‘Seva Sankalp Abhiyan’ के तहत स्कूलों में आयोजित करने की बात कही गई है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए अधिकतम स्कूल और छात्र भागीदारी पर जोर दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध सरकारी मेमो में यह नहीं कहा गया है कि स्कूलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर रुचि कम होने के कारण भागीदारी नहीं हो रही थी। दस्तावेज में केवल कुछ स्कूलों तक कार्यक्रम की जानकारी नहीं पहुंचने की बात कही गई है और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।































