घटना के डेढ़ महीने बाद भी कार्रवाई नहीं
दक्षिण 24 परगना के बजबज निवासी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय कार्यकर्ता राम प्रसाद साव पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में अब राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि घटना के 45 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
राम प्रसाद साव की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को कुछ कथित तृणमूल समर्थक गुंडों ने उनके कार्यालय में घुसकर हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ उन्हें जबरन उठाकर ले जाने की भी कोशिश की।
इस मामले में 22 अप्रैल 2026 को नोदाखाली थाना, डायमंड हार्बर पुलिस डिस्ट्रिक्ट में FIR No. 172/2026 दर्ज की गई। शिकायत में मुख्य आरोपी के तौर पर सुरोजित रॉय और अर्घो पल्टा का नाम दर्ज है। इनके अलावा सात अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पार्टी का कहना है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन नोदाखाली पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।
राम प्रसाद साव को BJP का जमीनी स्तर का सक्रिय और शिक्षित कार्यकर्ता बताया जा रहा है। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक हैं और लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं।
BJP नेताओं ने इस पूरे मामले को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस और डायमंड हार्बर पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वहीं, BJP का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस कार्रवाई में देरी कर रही है। पार्टी ने गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।



























