कोलकाता: एम्बुलेंस क़तार में खड़े आपने सरकारी हॉस्पिटलों के सामने ज़रूर देखे होंगे। ये एम्बुलेंस अस्पताल से रोगियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने का कम करते हैं लेकिन इसमें सबसे बड़ी बात यह है की इनमे से कई दलाल गिरोह द्वारा सक्रिय होते हैं। मनमाना किराया वसूला जाता है ग़रीब रोगियों के परिजनों से। अब राज्य स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस को लेकर बड़ी पहल करने जा रहा है। इससे दलाल राज पर शिकंजा कसेगा। जरूरत के समय पर लोगों को आसानी से एंबुलेंस मिल सकेगी। सोमवार को विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के बजट पर चर्चा में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. साप्जत मुखर्जी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने के लिए सरकार का विजन पेश किया। इसमें आयुष्मान भारत से लेकर आरोग्य मंदिर की संख्या बढ़ाना आदि शामिल है। एम्बुलेंस पाने के लिए अब लोगों को दलालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एंबुलेंस कैब ऐप के जरिये एंबुलेंस उपलब्ध होगी। इसके लिए एप्लिकेशन तैयार किया जायेगा। करीब छह महीने में यह तैयार हो जायेगा। शुरुआत में कोलकाता और निकटवर्ती इलाक़ों के लिए यह लागू होगा। मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने बताया कि बहुत जल्द मोबाइल पर एक क्लिक में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार मरीज की जरूरत के आधार पर एम्बुलेंस सेवा को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य एम्बुलेंस, मध्यम सुविधाओं वाली एम्बुलेंस और आईसीयू सुविधा से लैस एम्बुलेंस शामिल होगी। मरीज अपनी आवश्यकता के एम्बुलेंस चुन सकेंगे। गंतव्य तय करते ही ऐप पर किराये की जानकारी भी पहले से दिखाई देगी, जिससे मनमानी वसूली और अधिक पैसे मांगने की शिकायतों पर रोक लगेगी।






























